कभी रो लेने दो अपने कंधे पर सिर रखकर मुझे
कभी रो लेने दो अपने कंधे पर सिर रखकर मुझे कि दर्द का बबंडर अब संभाला नहीं जाता कब तक छुपा के रखें आँखों में इसे कि आंसुओ का समंदर अब संभाला नहीं जाता
आपकी नयी सुबह इतनी सुहानी हो जाए दुखों की सारी बातें आपकी पुरानी हो जाए दे जाए खुशिया आपको हर नया दिन कि ख़ुशी भी आपकी दीवानी हो जाए
दुश्मन भी हमारे मुरीद है शायद वक़्त वे वक़्त मेरा नाम लिया करते है मेरी गली से निकलते है खंजर छुपा के रूबरू होने पर सलाम किया करते है
ज़िन्दगी / दोस्ती / प्यार / सामान्य / हिंदी
by admin · Published February 26, 2018 · Last modified April 30, 2018
तेरी आँखों में सच्चाई की एक राह दिखाई देती है, तू है मोहब्बत का दीवाना ऐसी चाह दिखाई देती है, माना कि ठोकर खाई है जमाने में बेवफाओं से, पर तू आशिक है तुझमें...
कब साथ निभाते है लोग आंसुओ की तरह बिछड़ जाते है लोग वो जमाना और था जब रोते थे गैरो के लिए लोग अब तो अपनों को ही रुलाकर मुस्कराते है लोग
जाने क्या मुझसे जमाना चाहता है मेरा दिल तोड़कर मुझे हसाना चाहता है जाने कौनसी बात झलकती है मेरे चहरे से हर शख्स मुझे आजमाना चाहता है
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