एक नदिया है मज़बूरी की
एक नदिया है मज़बूरी की उस पार हो तुम इस पार है हम अब पार उतरना है मुश्किल मुझे बेवस बेकल रहने दो तुम भूल गए क्या गिला करे तुम तुम जैसे थे हम...
साथ अगर दोगे तो मुस्करायेंगे जरूर प्यार अगर दिल से करोगे तो निभायेंगे जरूर राह में कितने भी कांटे क्यों ना हो आवाज अगर दिल से दोगे तो आयंगे जरूर
ज़िन्दगी / तन्हाई / दोस्ती / सामान्य / हिंदी
by admin · Published February 9, 2018 · Last modified April 30, 2018
तेरी धड़कन ही जिंदगी का किस्सा है मेरा तू जिंदगी का अहम् हिस्सा है मेरा मेरी मोहब्बत तुझसे सिर्फ लफ्जो की नहीं है तेरी रूह से रूह तक का रिश्ता है मेरा
Follow: