Monthly Archive: July 2021

Jab mujhse Mohabat hi nahi

Jab mujhse Mohabat hi nahi toh rokte kyu hoTanhayi mein mere baare mein sochte kyu ho Jab manjile hi juda h toh jane do mujheLot ke kab aaoge ye puchte kyun ho…. Zakhm laga...

अब ना मैं हूँ

अब ना मैं हूँ, ना बाकी हैं ज़माने मेरे​,फिर भी मशहूर हैं शहरों में फ़साने मेरे​,ज़िन्दगी है तो नए ज़ख्म भी लग जाएंगे​,अब भी बाकी हैं कई दोस्त पुराने मेरे।

खबर सबको थी

खबर सबको थीमेरे कच्चे मकान की ,फिर भी लोगो ने दुआओ मेंबरसात ही मांगी।

Ek Bewafa Ko Hum Ne

Ek Bewafa Ko Hum Ne Is Dil Mein Jaga Di ThiKhuwabon Ki Duniya Apni Us Se Hi Saja Di Thi Chaha Tha Us Ko Hum Ne Khud Se Bhi Bohat Barh KarUs Chahat Mein...

कभी रो के मुस्कुराए

कभी रो के मुस्कुराए, कभी मुस्कुरा के रोए,जब भी तेरी याद आई तुझे भुला के रोए,एक तेरा ही तो नाम था जिसे हज़ार बार लिखा,जितना लिख के खुश हुए उस से ज़यादा मिटा के...

मार ही डाल मुझे

मार ही डाल मुझे चश्म-ए-अदा से पहले अपनी मंज़िल को पहुँच जाऊं क़ज़ा से पहले इक नज़र देख लूँ आ जाओ क़ज़ा से पहले, तुम से मिलने की तमन्ना है ख़ुदा से पहले हश्र...

मैं हूँ और साथ तेरी बिखरी हुई यादें हैं

मैं हूँ और साथ तेरी बिखरी हुई यादें हैं,क्या इसी चीज़ को कहते हैं गुज़ारा होना।वो मेरे बाद भी खुश होगा किसी और के साथ,मीठे चश्मों को कहाँ आता है खरा होना।

सताया है वक्त ने मुझे

सताया है वक्त ने मुझे बहुतमगर मैने भी वक्त को बर्बाद कम नहीं कियाजहां वक्त ने तक़दीर से मिलायामैंने तकदीर से वक्त को मिटाया हैबचपन में पढ़ाई से हुई लड़ाई वक्त कीवक्त हार गयाजवानी...

डाली से टूटा फूल

डाली से टूटा *फूल* फिर सेलग नहीं सकता हैमगरडाली *मजबूत* हो तो उस परनया फूल *खिल* सकता है!!!उसी तरह *ज़िन्दगी* मेंखोये *पल* को ला नहीं सकतेमगर*हौसलें* व *विश्वास* सेआने वाले हर पल को*खुबसूरत* बना...