जिस घर में मां की आवाज़ नहीं होती, वहां खामोशियां भी रोती हैं
मां के बिना घर सिर्फ दीवारों का मकान बन जाता है। उसकी आवाज, उसकी डांट, उसकी दुआएं और उसका प्यार ही घर को घर बनाते हैं। जिन लोगों की मां अब इस दुनिया में नहीं हैं, वे जानते हैं कि हर खुशी में एक खालीपन और हर मुस्कान में एक दर्द छुपा होता है।
समय बीत जाता है, लेकिन मां की यादें कभी पुरानी नहीं होतीं। हर त्योहार पर, हर सफलता पर और हर मुश्किल में दिल सबसे पहले मां को ही याद करता है। उसकी कमी सिर्फ वही समझ सकता है, जिसने अपनी मां को खोया हो।
Shayari 1
जिस घर में मां की आवाज़ नहीं होती,
वहां खामोशियां भी रोती हैं,
हर खुशी अधूरी लगती है,
जब मां की यादें आती हैं।
Shayari 2
आज भी तेरी तस्वीर से बातें करते हैं,
तेरी यादों में आंखें भरते हैं,
मां, तू दूर जरूर है,
मगर तुझे हर पल महसूस करते हैं।
Shayari 3
जब कोई दर्द सताता है,
मां तेरा चेहरा याद आता है,
लगता है जैसे दूर कहीं से,
तेरा आशीर्वाद साथ निभाता है।
Shayari 4
तेरे बिना हर त्योहार सूना है,
हर खुशी का पल अधूरा है,
मां, तेरी कमी का दर्द,
दिल में आज भी पूरा है।
Shayari 5
तेरी गोद का सुकून याद आता है,
तेरा प्यार बहुत याद आता है,
इस दुनिया की भीड़ में भी,
मां तेरा साथ याद आता है।
Shayari 6
तेरी डांट भी प्यार लगती थी,
तेरी बातें संसार लगती थीं,
आज तेरी खामोशी भी,
दिल को बहुत भारी लगती है।
Shayari 7
हर दुआ में तेरा नाम आता है,
हर आंसू तुझे बुलाता है,
मां, तेरे बिना यह दिल,
हर दिन तन्हा हो जाता है।
Shayari 8
तेरे बिना घर वीरान है,
दिल भी बहुत परेशान है,
मां, तू जहां भी है,
तेरा बेटा आज भी नादान है।
Shayari 9
तेरी यादों का सहारा है,
बस यही हमारा किनारा है,
तू नहीं है फिर भी मां,
हर पल तेरा ही सहारा है।
Shayari 10
रब से बस यही दुआ करते हैं,
हर जन्म में तुझे मां कहते हैं,
इस जन्म में तेरा साथ छूटा है,
अगले जन्म में फिर तेरा हाथ पकड़ते हैं।
Conclusion
मां की जगह कोई नहीं ले सकता। वह भले ही आंखों से दूर हो जाए, लेकिन दिल से कभी दूर नहीं होती। उसकी यादें और दुआएं हमेशा हमारे जीवन का सबसे बड़ा सहारा बनी रहती हैं।
