जीतने की जिद शायरी |
View More जीतने की जिद शायरीMonth: December 2023
घर से दूर नौकरी शायरी
घर से दूर नौकरी शायरी |
View More घर से दूर नौकरी शायरीAllama Iqbal Shayari | गर्म-ए-फ़ुग़ाँ है जरस उठ कि गया क़ाफ़िला
गर्म-ए-फ़ुग़ाँ है जरस उठ कि गया क़ाफ़िला वाए वो रह-रौ कि है मुंतज़़िर-ए-राहिला तेरी तबीअत है और तेरा ज़माना है और तेरे मुआफ़िक़ नहीं ख़ानक़ही…
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