रिश्तो से मुकर जाना दस्तूर है….
रिश्तो से मुकर जाना दस्तूर है दुनिया कामोहोब्बत जिन से हो जाये वो दिलो से नहीं जाते।
रिश्तो से मुकर जाना दस्तूर है दुनिया कामोहोब्बत जिन से हो जाये वो दिलो से नहीं जाते।
ख़ामोशी बढ़ गयी है इस्कदरकी सन्नाटो की भी चीखे सुनाई पड़ती हैं।
एक शोर है मुझ मैंजो खामोश बहोत है।
Asli Shayar / Zari / ग़म / ज़िन्दगी / तन्हाई / दोस्ती / प्यार / सामान्य
by admin · Published March 12, 2021
एक खलिश मेरे दिल में कुछ यु रह गयीज़िन्दगी मैं ज़रा ज़िन्दगी कुछ कम रह गयी।
घर से दूर मैं आसमा नापने निकलापर एक घोसला हर शाम याद आता है।
Asli Shayar / Zari / ग़म / ज़िन्दगी / दोस्ती / प्यार / सामान्य / हिंदी
by admin · Published March 10, 2021
कोई सुबह हो ऐसी तेरा दीदार होकोई शाम तो ऐसी आये जो तू साथ हो।
Asli Shayar / Zari / ज़िन्दगी / तन्हाई / दोस्ती / सामान्य / हिंदी
by admin · Published March 10, 2021
जब जबाब ख़ामोशी मैं हो तोलफ्ज़ो से उलझना क्यों।
Asli Shayar / Zari / ग़म / ज़िन्दगी / तन्हाई / दोस्ती / प्यार / हिंदी
by admin · Published March 10, 2021
आप वापस आने की जहमत मत करनानाक़द्रों को भूल जाना अत है हमें। 1Like2:59 pm
ये चाँद की रौशनी मुझे हर रोज़ कहती हैकुछ किस्से मोहोब्बत के पूरा हुआ नहीं करते।
Asli Shayar / Zari / ग़म / ज़िन्दगी / तन्हाई / दोस्ती / प्यार / हिंदी
by admin · Published March 9, 2021
ये सोचो का ताल्लुक उनसे जुदा नहीं होतादेखा है कई बार हमने सांसो को रोक के।
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