Loanless shayari

आंसुओ की तरह बिछड़ जाते है लोग

कब साथ निभाते है लोग
आंसुओ की तरह बिछड़ जाते है लोग
वो जमाना और था जब रोते थे गैरो के लिए लोग
अब तो अपनों को ही रुलाकर मुस्कराते है लोग