हमारी ज़िंदगी तो कब की बिखर गयी
हमारी ज़िंदगी तो कब की बिखर गयी, हसरते सारी दिल में ही मर गयी, जब से गयी है वो बैठ के डोली में, हमारी तो जीने की तमन्ना ही मर गयी
Asli Shayar / ग़म / ज़िन्दगी / तन्हाई / हिंदी
by admin · Published December 19, 2017 · Last modified April 30, 2018
हमारी ज़िंदगी तो कब की बिखर गयी, हसरते सारी दिल में ही मर गयी, जब से गयी है वो बैठ के डोली में, हमारी तो जीने की तमन्ना ही मर गयी
सबकी अपनी जीने की अलग शैली है, किसी की चादर साफ तो किसी की मैली है, आज तक सुलझा नहीं पाया है कोई, जिंदगी तो एक अनसुलझी हुयी सी पहेली है
ज़िन्दगी / तन्हाई / दोस्ती / प्यार / सामान्य / हिंदी
by admin · Published December 15, 2017 · Last modified April 30, 2018
यकीन अपनी चाहत का इतना है मुझे मेरी आँखों में देखोगे और लौट आओगे मेरी यादो के समुन्दर में जो डूब गए तुम कही जाना भी चाहोगे तो जा नहीं पाओगे
Asli Shayar / ज़िन्दगी / प्यार / सामान्य / हिंदी
by admin · Published December 14, 2017 · Last modified April 30, 2018
तेरी मोहब्बत में और मेरी फितरत में बस फर्क इतना है कि तेरा Attitude नहीं जाता और मुझे झुकना नहीं आता
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