Monthly Archive: November 2017

Shayari

कभी कभी विना गलती के भी माफ़ी मांग लेते है हम

कभी कभी विना गलती के भी माफ़ी मांग लेते है हम क्योकि माफ़ी मांग लेने से कोई छोटा नहीं होता

shayari

मेरी मोहब्बत बेजुबां होती रही

मेरी मोहब्बत बेजुबां होती रही कोई नहीं आया मेरा हाल पूछने मेरी धड़कने अपना वजूद खोती रही बस बारिश थी जो मेरे साथ रोती रही

Realshayari

हर कोई प्यार के लिए तड़पता है

हर कोई प्यार के लिए तड़पता है हर कोई प्यार के लिए रोता है हमारे प्यार को गलत न समझिये क्योकि प्यार तो दोस्ती में भी होता है

RealShayari

उसको चाहा लेकिन इजहार नहीं करना नहीं आया

उसको चाहा लेकिन इजहार नहीं करना नहीं आया उम्र कट गयी लेकिन हमे प्यार करना नहीं आया उसने हमसे कुछ माँगा वो भी जुदाई और हमे उनसे इंकार करना नहीं आया

Realshayari

जितना भूलना चाहोगे उतनी याद हमारी आएगी

जितना भूलना चाहोगे उतनी याद हमारी आएगी क्योकि तस्वीर बन गयी है दिल की गहराई में हमारी ढूढ़ने चले हो हमसे बेहतर दोस्त तुम देखना तलाश हमसे शुरू होकर हम पर ही खत्म हो...

Realshayari

किसी को मोहब्बत की गहराई मार डालती है

किसी को मोहब्बत की गहराई मार डालती है किसी को मोहब्बत की सच्चाई मार डालती है मोहब्बत करके कोई नई बच पाया आज तक जो बच गया उसको तन्हाई मर डालती है