मोहब्बत की आग में जलते अल्फ़ाज़ – राहत इंदौरी शायरी

राहत इंदौरी की शायरी सिर्फ शब्द नहीं बल्कि दिल की आवाज़ थी। उनकी शायरी में प्यार, दर्द, बगावत और जिंदगी का हर रंग दिखाई देता है। उनकी लिखी हुई लाइनें आज भी लोगों के दिलों में जिंदा हैं। मोहब्बत को उन्होंने जिस अंदाज़ में लिखा, वो हर आशिक़ के दिल को छू जाता है। उनकी शायरी में गहराई भी है और सादगी भी, जो हर किसी को अपनी तरफ खींच लेती है।

शायरी 1
तेरी यादों का मौसम आज भी आता है,
दिल तुझे हर पल चुपके से बुलाता है,
मोहब्बत अधूरी सही मगर सच्ची है,
ये दर्द आज भी मुझे रुलाता है।

शायरी 2
हमने चाहा था तुझे टूटकर इस तरह,
जैसे बारिश चाहे सूखी ज़मीं हर दफ़ा,
मगर तू दूरियों में खो गया कहीं,
और दिल रह गया तन्हा हर दफ़ा।

शायरी 3
तेरी आँखों में जो प्यार दिखाई दिया,
उसमें मेरा पूरा जहाँ दिखाई दिया,
अब दुनिया की कोई चाह नहीं बाकी,
क्योंकि तेरा ही नाम दिखाई दिया।

शायरी 4
चाँद भी तेरी खूबसूरती से शरमाता है,
हर सितारा तेरा नाम गुनगुनाता है,
हम तो बस तेरे इश्क़ में डूबे हैं,
दिल हर पल तुझे ही चाहता है।

शायरी 5
मोहब्बत में हर दर्द आसान लगता है,
तेरा साथ सबसे खास लगता है,
अब कोई और ख्वाहिश नहीं रही,
क्योंकि तू मेरे पास लगता है।

शायरी 6
तेरे बिना ये दिल उदास रहता है,
हर पल तेरा एहसास रहता है,
अब दुनिया की कोई खुशी अच्छी नहीं,
क्योंकि तू दिल के पास रहता है।

शायरी 7
तू मिला तो जिंदगी आसान हुई,
दिल की हर धड़कन मेहरबान हुई,
अब कोई डर नहीं इस दुनिया का,
क्योंकि तेरी मोहब्बत पहचान हुई।

शायरी 8
तेरी मुस्कान दिल को भा जाती है,
हर उदासी को दूर कर जाती है,
जब भी तेरा ख्याल आता है,
दिल को राहत मिल जाती है।

शायरी 9
इश्क़ में तेरे खुद को भुला बैठे,
हर खुशी तुझ पर लुटा बैठे,
अब कोई गिला नहीं जिंदगी से,
क्योंकि तुझे दिल में बसा बैठे।

शायरी 10
तेरा नाम मेरी रूह में बस गया,
तेरा प्यार मेरी जान बन गया,
अब कोई ख्वाहिश नहीं बाकी,
क्योंकि तू मेरा जहान बन गया।

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