Tag: mohabbat shayari

  • जलो ए जलने वालों

    जलो ए जलने वालों

    जलो ए जलने वालों
    मुझसे तुम खूब जलो
    जलो मेरे काम से जलो
    मेरे रुतबे से जलो
    मेरी हैसियत से जलो
    मेरी पहुंच से जलो
    मेरी रूह से ना जलो
    मेरी रूह को नापाक ना करो
    मेरी रूह को पूरा करना है एक वादा खुदा का
    उसे दुनियां के मसलों के तराज़ू में ना रखो
    जिस्म है दुनिया का और रूह है खुदा की
    उसे अपनी मंजिशों से नापाक ना करो
    मेरी रूह से ना जलो
    जलो ए जलने वालों मुझसे तुम खूब जलो
    जलो मेरे काम से जलो
    मेरे रुतबे से जलो
    मेरी हैसियत से जलो
    मेरी पहुंच से जलो
    मगर मेरी रूह से ना जलो
    मगर मेरी रूह से ना जलो

  • वो कौन है

    वो कौन है

    वो कौन है जो
    मोहब्बत के बाज़ार में तराज़ू लेके आए हैं
    उनसे कह दो कि सच्ची मोहब्बत का कोई मोल नही होता
    और मोहब्बत बिक जाए
    तो वो अनमोल नहीं होता