Real Shayari in Hindi & English | Heart Touching Love, Sad, Friendship, Emotional and True Life Shayari Collection Shayari

आता है याद मुझको गुज़रा हुआ ज़माना
वो बाग़ की बहारें वो सब का चह-चहाना

आता है याद मुझको गुज़रा हुआ ज़मानावो बाग़ की बहारें वो सब का चह-चहाना आज़ादियाँ कहाँ वो अब अपने घोँसले कीअपनी ख़ुशी से आना अपनी ख़ुशी से जाना लगती हो चोट दिल पर, आता...

अबके बरस भी वो नहीं आये बहार में
गुज़रेगा और एक बरस इंतज़ार में

अबके बरस भी वो नहीं आये बहार मेंगुज़रेगा और एक बरस इंतज़ार में ये आग इश्क़ की है बुझाने से क्या बुझेदिल तेरे बस में है ना मेरे इख़्तियार में है टूटे दिल में...

हुस्न बाज़ार हुआ क्या कि हुनर ख़त्म हुआआया पलको पे तो आँसू का सफ़र ख़त्म हुआ

हुस्न बाज़ार हुआ क्या कि हुनर ख़त्म हुआ
आया पलको पे तो आँसू का सफ़र ख़त्म हुआ

हुस्न बाज़ार हुआ क्या कि हुनर ख़त्म हुआआया पलको पे तो आँसू का सफ़र ख़त्म हुआ उम्र भर तुझसे बिछड़ने की कसक ही न गयीकौन कहता है की मुहब्बत का असर ख़त्म हुआ नयी...

हम हैं राही प्यार के, हमसे कुछ ना बोलिए
जो भी प्यार से मिला, हम उसी के हो लिए

हम हैं राही प्यार के, हमसे कुछ ना बोलिएजो भी प्यार से मिला, हम उसी के हो लिए दर्द भी हमें कुबूल, चैन भी हमें कुबूलहमने हर तरह के फूल, हार में पिरो लिएजो...

साथी न कोई मंज़िल
दिया है न कोई महफ़िल
चला मुझे लेके ऐ दिल
अकेला कहाँ

साथी न कोई मंज़िलदिया है न कोई महफ़िलचला मुझे लेके ऐ दिलअकेला कहाँ हमदम कोई मिले कहींऐसे नसीब ही नहींबेदर्द है ज़मीं, दूर आसमाँसाथी न कोई मंजिल… गलियां हैं अपने देस कीफिर भी हैं...

सज़ा का हाल सुनाये जज़ा की बात करें
ख़ुदा मिला हो जिन्हें वो ख़ुदा की बात करें

सज़ा का हाल सुनाये जज़ा की बात करेंख़ुदा मिला हो जिन्हें वो ख़ुदा की बात करें उन्हें पता भी चले और वो ख़फ़ा भी न होइस एहतियात से क्या मज़ा की बात करें हमारे...

मैं ज़िन्दा हूँ यह मुश्तहर कीजिए

मैं ज़िन्दा हूँ यह मुश्तहर कीजिए मेरे क़ातिलों को ख़बर कीजिए । ज़मीं सख़्त है आसमां दूर है बसर हो सके तो बसर कीजिए । सितम के बहुत से हैं रद्द-ए-अमल ज़रूरी नहीं चश्म...

उड़ान वालो उड़ानों पे वक़्त भारी है
परों की अब के नहीं हौसलों की बारी है

उड़ान वालो उड़ानों पे वक़्त भारी हैपरों की अब के नहीं हौसलों की बारी है मैं क़तरा हो के तूफानों से जंग लड़ता हूँमुझे बचाना समंदर की ज़िम्मेदारी है कोई बताये ये उसके ग़ुरूर-ए-बेजा...

इंतहा आज इश्क़ की कर दी
आपके नाम ज़िन्दगी कर दी

इंतहा आज इश्क़ की कर दीआपके नाम ज़िन्दगी कर दी था अँधेरा ग़रीब ख़ाने मेंआपने आ के रौशनी कर दी देने वाले ने उनको हुस्न दियाऔर अता मुझको आशिक़ी कर दी तुमने ज़ुल्फ़ों को...