ये दुनिया एक छोटा सा ख्वाब है
ये दुनिया एक छोटा सा ख्वाब है जिओ अपनी जिंदगी ऐसे , जैसे जी रहा गुलाब है रहकर साथ काँटों के भी मुस्कराओ ऐसे जैसे मुस्कराता गुलाब है
Asli Shayar / ज़िन्दगी / सामान्य / हिंदी
by admin · Published January 11, 2018 · Last modified April 30, 2018
ये दुनिया एक छोटा सा ख्वाब है जिओ अपनी जिंदगी ऐसे , जैसे जी रहा गुलाब है रहकर साथ काँटों के भी मुस्कराओ ऐसे जैसे मुस्कराता गुलाब है
Asli Shayar / ज़िन्दगी / सामान्य / हिंदी
by admin · Published January 11, 2018 · Last modified May 18, 2022
खुद से जीतने की जिद है मुझे खुद को ही हराना है मैं भीड़ नहीं हूँ दुनिया की, मेरे अंदर एक जमाना है
रास्ते कहाँ ख़त्म होते है जिंदगी के सफर में मंजिलें तो वही है जहाँ ख्वाइशें थम जाऐ
Asli Shayar / ज़िन्दगी / तन्हाई / प्यार / सामान्य / हिंदी
by admin · Published January 10, 2018 · Last modified April 30, 2018
एक पल की जुदाई गवारा कर ना सके ऐसा इश्क़ जो हम दुबारा कर ना सके जिंदगी भर पलट कर देखा ना कभी शिकवा फिर भी हम तुम्हारा कर ना सके
Asli Shayar / ज़िन्दगी / तन्हाई / प्यार / हिंदी
by admin · Published January 10, 2018 · Last modified April 30, 2018
पास नहीं हो फिर भी तुम्हें प्यार करते है देखकर तस्वीर तुम्हारी तुमको याद करते है दिल में कैसी तड़प है तुमसे दूर रहकर हर बार तुमसे मिलने की फरियाद करते है
Asli Shayar / ज़िन्दगी / तन्हाई / प्यार / हिंदी
by admin · Published January 10, 2018 · Last modified April 30, 2018
अपना हमसफ़र बनाले मुझे तेरा ही साया हूँ अपनाले मुझे ये रात का सफर और भी हंसी हो जायगा तू आजा मेरे सपनो में या बुलाले मुझे
Asli Shayar / ज़िन्दगी / प्यार / हिंदी
by admin · Published January 10, 2018 · Last modified April 30, 2018
जिक्र करता है दिल सुबह शाम तेरा गिरते है आंसू बनता है नाम तेरा किसी और को क्यों देखें यह आंखें जब दिल पर लिखा है नाम तेरा
Asli Shayar / ज़िन्दगी / दोस्ती / प्यार / हिंदी
by admin · Published January 10, 2018 · Last modified April 30, 2018
कुछ रिश्ते अनजाने में हो जाते है पहले दिल फिर जिंदगी से जुड़ जाते है कहते है उस दौर को दोस्ती जिसमे लोग जिंदगी से प्यारे हो जाते है
नजर को बदलो तो नजारे बदल जाते है सोचको बदलो तो सितारे बदल है. कश्तियाँ बदलने की जरुरत नहीं दिशा को बदलो तो किनारे खुद व् खुद बदल जाते है सोच को बदलो...
Asli Shayar / ग़म / तन्हाई / हिंदी
by admin · Published January 9, 2018 · Last modified April 30, 2018
दरिया में अपनी कब्र बनाने चला गया सूरज को डूबने से बचाने चला गया तमन्ना तो सबसे आगे निकलने की थी मगर जो गिरे थे उनको उठाने चला गया अपनों की चाहतों में मिलाबट...
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