सफर ऐ जिंदगी का तू अकेला ही मुसाफिर है
सफर ऐ जिंदगी का तू अकेला ही मुसाफिर है
बेगाने है ये सब जो अपनापन जताते है
छोड़ जायँगे ये साथ एक दिन तेरा राहो में
वो जो आज खुद को तेरा हमसफ़र बताते है
by admin · Published · Updated
सफर ऐ जिंदगी का तू अकेला ही मुसाफिर है
बेगाने है ये सब जो अपनापन जताते है
छोड़ जायँगे ये साथ एक दिन तेरा राहो में
वो जो आज खुद को तेरा हमसफ़र बताते है
by admin · Published April 23, 2020
by admin · Published February 23, 2021
by admin · Published February 1, 2018 · Last modified April 30, 2018
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