सफर ऐ जिंदगी का तू अकेला ही मुसाफिर है
सफर ऐ जिंदगी का तू अकेला ही मुसाफिर है
बेगाने है ये सब जो अपनापन जताते है
छोड़ जायँगे ये साथ एक दिन तेरा राहो में
वो जो आज खुद को तेरा हमसफ़र बताते है
by admin · Published · Updated
सफर ऐ जिंदगी का तू अकेला ही मुसाफिर है
बेगाने है ये सब जो अपनापन जताते है
छोड़ जायँगे ये साथ एक दिन तेरा राहो में
वो जो आज खुद को तेरा हमसफ़र बताते है
by admin · Published December 1, 2017 · Last modified April 30, 2018
by admin · Published April 28, 2020
by admin · Published December 18, 2021
Follow: