सफर ऐ जिंदगी का तू अकेला ही मुसाफिर है
सफर ऐ जिंदगी का तू अकेला ही मुसाफिर है
बेगाने है ये सब जो अपनापन जताते है
छोड़ जायँगे ये साथ एक दिन तेरा राहो में
वो जो आज खुद को तेरा हमसफ़र बताते है
by admin · Published · Updated
सफर ऐ जिंदगी का तू अकेला ही मुसाफिर है
बेगाने है ये सब जो अपनापन जताते है
छोड़ जायँगे ये साथ एक दिन तेरा राहो में
वो जो आज खुद को तेरा हमसफ़र बताते है
by admin · Published December 17, 2021
by admin · Published December 15, 2021
by admin · Published December 6, 2017 · Last modified April 30, 2018
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