मेरी मोहब्बत बेजुबां होती रही
मेरी मोहब्बत बेजुबां होती रही कोई नहीं आया मेरा हाल पूछने मेरी धड़कने अपना वजूद खोती रही बस बारिश थी जो मेरे साथ रोती रही
मेरी मोहब्बत बेजुबां होती रही कोई नहीं आया मेरा हाल पूछने मेरी धड़कने अपना वजूद खोती रही बस बारिश थी जो मेरे साथ रोती रही
ना नींद आती है रातों में ना दिन में करार आता है हर घडी हर पल में बस तू ही तू याद आता रहता है
जल्दी भुला देंगे तुमको थोड़ा सा सब्र तो रखो अंग अंग में बसे हो थोड़ा वक़्त तो लगेगा ही
एक जुर्म हुआ है हमसे हम भी किसी को दिल दे बैठे है अपना उसे समझ कर सब भेद दे बैठे है फिर उसके प्यार के लिए दिल और जान गवा बैठे है बहुत...
अपनों को दूर जाते देखा है सपनो को चूर होते देखा है लोग कहते है कि फूल कभी रोते नहीं अरे तन्हाइयो में हमने फूलों को भी रोते देखा है
शायद ये दिल तो किसी और के घर का परिंदा है जो सीने में तो रहता है लेकिन हमारे बस में नहीं रहता है
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