अंग अंग में बसे हो थोड़ा वक़्त तो लगेगा ही
जल्दी भुला देंगे तुमको थोड़ा सा सब्र तो रखो अंग अंग में बसे हो थोड़ा वक़्त तो लगेगा ही
जल्दी भुला देंगे तुमको थोड़ा सा सब्र तो रखो अंग अंग में बसे हो थोड़ा वक़्त तो लगेगा ही
एक जुर्म हुआ है हमसे हम भी किसी को दिल दे बैठे है अपना उसे समझ कर सब भेद दे बैठे है फिर उसके प्यार के लिए दिल और जान गवा बैठे है बहुत...
अपनों को दूर जाते देखा है सपनो को चूर होते देखा है लोग कहते है कि फूल कभी रोते नहीं अरे तन्हाइयो में हमने फूलों को भी रोते देखा है
शायद ये दिल तो किसी और के घर का परिंदा है जो सीने में तो रहता है लेकिन हमारे बस में नहीं रहता है
बड़े शोक से बनाया था उसने मेरे दिल में घर और जब रहने की बारी आयी तो ठिकाना बदल लिया
पहला प्यार सबको मिल जाय जरुरी तो नहीं जिसे आप चाहते है वो भी आपको चाहे जरुरी नहीं कुछ लोग बहुत याद करता है दिल वो भी हमें याद करें जरुरी तो नहीं
Follow: