shayari

उनकी ख़ामोशी से हम परेशान क्यों है

उनकी ख़ामोशी से हम परेशान क्यों है
वो जिद्दी है हम नादान क्यों है
उनकी आवाज से ही धड़कता है दिल
तो फिर वो इस बात से अंजान क्यों है