जब बादल हो पर बरसात ना हो
कितना अजीब लगता है उस वक़्त जब बादल हो पर बरसात ना हो आंखें हो पर ख्वाब ना हो जिंदगी हो पर प्यार ना हो कोई अपना हो पर पास ना हो
ये जिंदगी तो बस चाहतों का सिलसिला है कुछ खोया है तो कुछ पाया है माँगा था जिसे हमने दुआ में अपनी वो किसी को विना मांगे मिल गया है
मोहब्बत करने की सजा बेमिसाल मिली हमको उदास रहने की आदत डाल दी हमको मैंने जब जब उसे प्यार की नजर से देखा उसने बार बार अनदेखा किया मुझको
ना जाने क्यों तेरा मिलकर बिछड़ना बहुत याद आता है रो पड़ती हूँ में जब गुजरा जमाना याद आता है नहीं भूल पायी हूँ में अब तक तुझे क्या तुझको भी मेरा फ़साना याद...
Asli Shayar / ग़म / ज़िन्दगी / तन्हाई / हिंदी
by admin · Published December 1, 2017 · Last modified April 30, 2018
जब भी किसी को करीब पाया है कसम खुदा की धोखा पाया है क्यों दोष देते है हम काँटों को जख्म तो हमको फूलों ने ही दिया है
Asli Shayar / ज़िन्दगी / तन्हाई / हिंदी
by admin · Published December 1, 2017 · Last modified April 30, 2018
कितना अजीब अपनी जिंदगी का सफर निकला सारे जहाँ का दर्द अपना मुकद्दर निकला जिसके नाम अपनी जिंदगी का हर लम्हा कर दिया अफ़सोस वो हमारी चाहत से बेखबर निकला
Asli Shayar / ज़िन्दगी / तन्हाई / हिंदी
by admin · Published December 1, 2017 · Last modified April 30, 2018
जिंदगी चाहत का सिलसिला है फिर भी जिसे चाहा वो कहा मिला है दुश्मनो से हमको कोई शिकायत नहीं अपनों ने ही लुटा बस इसी बात का गिला है जिसको चाहा उसने ही तोडा...
Asli Shayar / ग़म / ज़िन्दगी / तन्हाई / हिंदी
by admin · Published November 29, 2017 · Last modified April 30, 2018
कुछ भी नहीं है आज कहने को चन्द लब्जों के सिवा ना आँखों में है जज्बात चन्द आँखों के सिवा कदर तोड़ दिया उसने कि खुद को जोड़ पाना मुश्किल है नहीं रहा वाकी...
Asli Shayar / ज़िन्दगी / तन्हाई / सामान्य / हिंदी
by admin · Published November 29, 2017 · Last modified April 30, 2018
उनके सीने में कभी झांक कर देखो तो सही कितना रोते है अकेले में दुनिया को हसाने वाले
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