जख्म तो हमको फूलों ने ही दिया है
जब भी किसी को करीब पाया है
कसम खुदा की धोखा पाया है
क्यों दोष देते है हम काँटों को
जख्म तो हमको फूलों ने ही दिया है
जब भी किसी को करीब पाया है
कसम खुदा की धोखा पाया है
क्यों दोष देते है हम काँटों को
जख्म तो हमको फूलों ने ही दिया है