जिंदगी का हर जख्म उसकी मेहरवानी है
जिंदगी का हर जख्म उसकी मेहरवानी है मेरी जिंदगी की तो एक अधूरी सी कहानी है मिटा तो दें हर दर्द सीने से मगर दर्द ही तो उसकी आखिरी निशानी है
जीने की चाह में हर रोज मरते है वो आये ना आये हम इंतजार करते है झूठा ही सही मेरे प्यार का वादा हम आज भी सच मानकर उनका एतबार करते है
एक अधूरी ख्वाहिश है मेरी काश वो भी पूरी हो जाये ऐ खुदा कुछ ऐसा कर कि हमारे विना उनकी हर ख्वाहिश अधूरी हो जाये
ग़म / ज़िन्दगी / तन्हाई / सामान्य / हिंदी
by admin · Published October 26, 2017 · Last modified April 30, 2018
अनकही सी कुछ बातें , लम्हों में समां जाती हैं यादों के समंदर में , अपना आशियाना बनाती है मीलों के फास्लो में , कुछ ठहराव वो लाती है ग़मो की घरी में वह...
मिल जायेंगा हमें भी कोई टूट के चाहने वाला… अब शहर का शहर तो बेवफा नहीं हो सकता …
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