उसको चाहा लेकिन इजहार नहीं करना नहीं आया
उसको चाहा लेकिन इजहार नहीं करना नहीं आया उम्र कट गयी लेकिन हमे प्यार करना नहीं आया उसने हमसे कुछ माँगा वो भी जुदाई और हमे उनसे इंकार करना नहीं आया
अपनों को दूर जाते देखा है सपनो को चूर होते देखा है लोग कहते है कि फूल कभी रोते नहीं अरे तन्हाइयो में हमने फूलों को भी रोते देखा है
जीने की चाह में हर रोज मरते है वो आये ना आये हम इंतजार करते है झूठा ही सही मेरे प्यार का वादा हम आज भी सच मानकर उनका एतबार करते है
एक अधूरी ख्वाहिश है मेरी काश वो भी पूरी हो जाये ऐ खुदा कुछ ऐसा कर कि हमारे विना उनकी हर ख्वाहिश अधूरी हो जाये
ग़म / ज़िन्दगी / तन्हाई / सामान्य / हिंदी
by admin · Published October 26, 2017 · Last modified April 30, 2018
अनकही सी कुछ बातें , लम्हों में समां जाती हैं यादों के समंदर में , अपना आशियाना बनाती है मीलों के फास्लो में , कुछ ठहराव वो लाती है ग़मो की घरी में वह...
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