क्यों निकल जाते है वो पानी बनकर
वो मिल जाते है कहानी बनकर दिल में बस जाते है निशानी बनकर जिन्हे हम रखते है अपनी आँखों में क्यों निकल जाते है वो पानी बनकर
ना जाने क्यों तेरा मिलकर बिछड़ना बहुत याद आता है रो पड़ती हूँ में जब गुजरा जमाना याद आता है नहीं भूल पायी हूँ में अब तक तुझे क्या तुझको भी मेरा फ़साना याद...
Asli Shayar / ग़म / ज़िन्दगी / तन्हाई / हिंदी
by admin · Published December 1, 2017 · Last modified April 30, 2018
जब भी किसी को करीब पाया है कसम खुदा की धोखा पाया है क्यों दोष देते है हम काँटों को जख्म तो हमको फूलों ने ही दिया है
Asli Shayar / ग़म / ज़िन्दगी / तन्हाई / हिंदी
by admin · Published November 29, 2017 · Last modified April 30, 2018
कुछ भी नहीं है आज कहने को चन्द लब्जों के सिवा ना आँखों में है जज्बात चन्द आँखों के सिवा कदर तोड़ दिया उसने कि खुद को जोड़ पाना मुश्किल है नहीं रहा वाकी...
Asli Shayar / ग़म / ज़िन्दगी / तन्हाई / हिंदी
by admin · Published November 23, 2017 · Last modified April 30, 2018
प्यार करके कोई जताये JARURI TO NHI याद करके कोई बताये JARURI TO NHI रोने वाला तो दिल में ही रो लेता है आँखों में आँसू लाये JARURI TO NHI
मेरी मोहब्बत बेजुबां होती रही कोई नहीं आया मेरा हाल पूछने मेरी धड़कने अपना वजूद खोती रही बस बारिश थी जो मेरे साथ रोती रही
अपनों को दूर जाते देखा है सपनो को चूर होते देखा है लोग कहते है कि फूल कभी रोते नहीं अरे तन्हाइयो में हमने फूलों को भी रोते देखा है
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