Category: Bewafa Shayari
किस्मत यह मेरा इम्तेहान ले रही है
किस्मत यह मेरा इम्तेहान ले रही हैतड़पकर यह मुझे दर्द दे रही हैदिल से कभी भी मैंने उसे दूर नहीं कियाफिर क्यों बेवफाई का वह इलज़ाम दे रही है
अब ख़ुशी है न कोई दर्द रुलाने वाला
हमने अपना लिया हर रंग ज़माने वाला
अब ख़ुशी है न कोई दर्द रुलाने वालाहमने अपना लिया हर रंग ज़माने वाला उसको रुख़सत तो किया था मुझे मालूम न थासारा घर ले गया घर छोड़ के जाने वाला इक मुसाफिर के...
itnā ehsān to ham par vo ḳhudārā karte
itnā ehsān to ham par vo ḳhudārā karte apne hāthoñ se jigar chaak hamārā karte ham ko to dard-e-judā.ī se hī mar jaanā thā chand roz aur na qātil ko ishāra karte le ke...
कोई पूछे आशिको से जूनून क्या है…..
कोई पूछे आशिको से जूनून क्या हैइश्क़ क्या है दर्द की लज़्ज़त क्या है।
