Category: Bewafa Shayari

किस्मत यह मेरा इम्तेहान ले रही है

किस्मत यह मेरा इम्तेहान ले रही हैतड़पकर यह मुझे दर्द दे रही हैदिल से कभी भी मैंने उसे दूर नहीं कियाफिर क्यों बेवफाई का वह इलज़ाम दे रही है

अब ख़ुशी है न कोई दर्द रुलाने वाला
हमने अपना लिया हर रंग ज़माने वाला

अब ख़ुशी है न कोई दर्द रुलाने वालाहमने अपना लिया हर रंग ज़माने वाला उसको रुख़सत तो किया था मुझे मालूम न थासारा घर ले गया घर छोड़ के जाने वाला इक मुसाफिर के...

दूर जाने का उसे क्या गम होगा……..

दूर जाने का उसे क्या गम होगापास होकर भी वो कौन सा खुश था।