हम दोस्ती एहसान वफ़ा भूल गए हैं ज़िंदा तो है जीने की अदा भूल गए हैं
हम दोस्ती एहसान वफ़ा भूल गए हैंज़िंदा तो है जीने की अदा भूल गए हैं ख़ुशबू जो लुटाती है मसलते हैं उसी कोएहसान का बदला यही मिलता है कली कोएहसान तो लेते है, सिला...
हम दोस्ती एहसान वफ़ा भूल गए हैंज़िंदा तो है जीने की अदा भूल गए हैं ख़ुशबू जो लुटाती है मसलते हैं उसी कोएहसान का बदला यही मिलता है कली कोएहसान तो लेते है, सिला...
सबने मिलाया हाथ यहाँ तीरगी* के साथकितना बड़ा मज़ाक हुआ रोशनी के साथ शर्तें लगाईं जाती नहीं दोस्ती के साथकीजिये मुझे कुबूल मेरी हर कमी के साथ तेरा ख़याल, तेरी तलब, तेरी आरज़ूगुजरी है...
मेरी आँख को यह सब कौन बताने देगाखवाब जिसके हैं वहीं नींद न आने देगा उसने यूँ बाँध लिया खुद को नये रिशतों मेंजैसे मुझ पर कोई इलज़ाम न आने देगा सब अंधेरे से...
तुम बिन जाऊँ कहाँ, के दुनिया में आकेकुछ न फिर चाहा कभी तुमको चाहके, तुम बिन … देखो मुझे सर से कदम तक, सिर्फ़ प्यार हूँ मैंगले से लगालो के तुम्हारा बेक़रार हूँ मैंतुम...
इश्क़ वालों से न पूंछो किउनकी रात का आलम तनहा कैसे गुज़रता है जुदा हो हमसफ़र जिसका,वो उसको याद करता है न हो जिसका कोई वो मिलने की फ़रियाद करता हैसलाम-ए-इश्क़ मेरी जाँ ज़रा...
आता है याद मुझको गुज़रा हुआ ज़मानावो बाग़ की बहारें वो सब का चह-चहाना आज़ादियाँ कहाँ वो अब अपने घोँसले कीअपनी ख़ुशी से आना अपनी ख़ुशी से जाना लगती हो चोट दिल पर, आता...
अबके बरस भी वो नहीं आये बहार मेंगुज़रेगा और एक बरस इंतज़ार में ये आग इश्क़ की है बुझाने से क्या बुझेदिल तेरे बस में है ना मेरे इख़्तियार में है टूटे दिल में...
हुस्न बाज़ार हुआ क्या कि हुनर ख़त्म हुआआया पलको पे तो आँसू का सफ़र ख़त्म हुआ उम्र भर तुझसे बिछड़ने की कसक ही न गयीकौन कहता है की मुहब्बत का असर ख़त्म हुआ नयी...
हम हैं राही प्यार के, हमसे कुछ ना बोलिएजो भी प्यार से मिला, हम उसी के हो लिए दर्द भी हमें कुबूल, चैन भी हमें कुबूलहमने हर तरह के फूल, हार में पिरो लिएजो...
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