तस्वीर पर जवाबी शायरी
जीवित छवियों के अलावा, चित्रों को भी शायरी का विषय बनाया गया है। चित्र छवियों को प्रतिष्ठित बनाते हैं, लेकिन ये छवियाँ स्थिर होती हैं और बोलने या काम करने के लिए नहीं होतीं...
जीवित छवियों के अलावा, चित्रों को भी शायरी का विषय बनाया गया है। चित्र छवियों को प्रतिष्ठित बनाते हैं, लेकिन ये छवियाँ स्थिर होती हैं और बोलने या काम करने के लिए नहीं होतीं...
आपके मजबूत दिमाग पर दुख या अलगाव की या अलगाव की अवश्यकता का दर्द भी अपने बलवान दिमाग पर बोझ डालता है। 1. “अब के हम बिछड़े तो शायद कभी ख्वाबों में मिलें, जैसे...
1. “ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले, ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है.” इस शेर में अल्लामा इकबाल ने ख़ुदी के महत्व को बताया है, और...
इश्क़, उर्दू कविता में सबसे लोकप्रिय विषयों में से एक है। इश्क़ पर सबसे प्रसिद्ध शेरों की सूची तैयार है। इनका चयन प्रसिद्धता और प्रत्येक शेर की गुणवत्ता के आधार पर किया गया है।...
Love is a language that transcends words and finds its expression in the depths of the heart. Here are ten beautiful love Shayari in Hindi that capture the essence of love, passion, and devotion.
ग़म नहीं होता है आज़ादों को बेश अज़-यक-नफ़स | मिर्ज़ा ग़ालिब ग़म नहीं होता है आज़ादों को बेश अज़-यक-नफ़स बर्क़ से करते हैं रौशन शम्-ए-मातम-ख़ाना हम महफ़िलें बरहम करे है गंजिंफ़ा-बाज़-ए-ख़याल हैं वरक़-गर्दानी-ए-नैरंग-ए-यक-बुत-ख़ाना...
दिल लगा कर लग गया उन को भी तन्हा बैठना | मिर्ज़ा ग़ालिब दिल लगा कर लग गया उन को भी तन्हा बैठना बारे अपनी बेकसी की हम ने पाई दाद याँ हैं...
रफ़्तार-ए-उम्र क़त-ए-रह-ए-इज़्तिराब है | मिर्ज़ा ग़ालिब रफ़्तार-ए-उम्र क़त-ए-रह-ए-इज़्तिराब है इस साल के हिसाब को बर्क़ आफ़्ताब है मीना-ए-मय है सर्व नशात-ए-बहार से बाल-ए-तदरौ जल्वा-ए-मौज-ए-शराब है ज़ख़्मी हुआ है पाश्ना पा-ए-सबात का ने...
आईना क्यूँ न दूँ कि तमाशा कहें जिसे | मिर्ज़ा ग़ालिब आईना क्यूँ न दूँ कि तमाशा कहें जिसे ऐसा कहाँ से लाऊँ कि तुझ सा कहें जिसे हसरत ने ला रखा तिरी...
धोता हूँ जब मैं पीने को उस सीम-तन के पाँव | मिर्ज़ा ग़ालिब धोता हूँ जब मैं पीने को उस सीम-तन के पाँव रखता है ज़िद से खींच के बाहर लगन के पाँव ...
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