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द्वारिकाधीश कह गए पार्थ से

द्वारिकाधीश कह गए पार्थ से एक दिन ऐसा कलयुग आएगा दूध और माखन किसी को न भायेगा इंसान मैगी चौमिन पिज़्ज़ा खायगा

बाबुल तेरी बगिया की ये 

बाबुल तेरी बगिया की ये 

बाबुल तेरी बगिया की ये चहचहाती हुयी चिड़िया ना जाने कब उड़ जाये छोड़कर तेरी यह बगिया ना जाने कब बन जाये दुल्हन, यह छोटी सी गुड़िया

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पत्नी घर की रानी है

पत्नी घर की रानी है अजीब सी इसकी कहानी है बात ना मानो तो चिढ़ जायगी काम बताओ तो लड़ जायगी शॉपिंग ले जाओ तो मन जायगी

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दीप तो आंधी में बुझ जाया करते है

दीप तो आंधी में बुझ जाया करते है तारे तो बारिश में छुप जाया करते है फूल तो रात में मुरझाया करते है कितने खुशनसीब होते है वो लोग जिनके पास हर दर्द बांटने...

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सवाल कुए का नहीं पानी का है

सवाल कुए का नहीं पानी का है सवाल फूल का नहीं खुशबू का है सवाल खूबसूरती का नहीं दिल का है लोग तो बहुत मिल जाते है दुनिया में सवाल लोगो का नहीं विश्वास...

हर सुबह एक नयी जिंदगी दे आपके

हर सुबह एक नयी जिंदगी दे आपके

हर सुबह एक नयी जिंदगी दे आपके दिन का हर लम्हा हर पल ख़ुशी दे आपको जहा गम की छाया छू भी ना पाये खुदा वो जन्नत दे आपको

अगर इतनी ही नफरत करते है आप हमसे

अगर इतनी ही नफरत करते है आप हमसे

अगर इतनी ही नफरत करते है आप हमसे तो रब से ऐसे दुआ करिये कि आपकी दुआ भी पूरी हो जाये और हमारी जिंदगी भी

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Shumar-E-Subha Marghub-E-But-E-Mushkil-Pasand Aaya

Shumār-e-sub.ha marġhūb-e-but-e-mushkil-pasand aayā Tamāshā-e-ba-yak-kaf burdan-e-sad-dil-pasand aayā Ba-faiz-e-be-dilī naumīdi-e-jāved āsāñ hai Kushāyish ko hamārā uqda-e-mushkil-pasand aayā Havā-e-sair-e-gul ā.īna-e-be-mehri-e-qātil Ki andāz-e-ba-ḳhūñ-ġhaltīdan-e-bismil-pasand aayā Ravānī-hā-e-mauj-e-ḳhūn-e-bismil se Tapaktā hai Ki lutf-e-be-tahāshā-raftan-e-qātil-pasand aayā ‘Asad’ har jā suḳhan ne tarh-e-bāġh-e-tāza Daalī...