कभी जिसकी जिंदगी जीने की वजह थे हम
कभी जो कहते थे हमें की मेरी जिंदगी हो तुम आज वो कहते है कि वे बफा हो तुम कभी जिसकी जिंदगी जीने की वजह थे हम आज वो कहते है सजा है हम
क्यों तेरी उदासी मुझे खामोश कर जाती है क्यों तेरी ख़ामोशी मुझे उदास कर जाती है क्या रिश्ता है तेरा और मेरा क्यों तेरी यद् मुझे तनहा कर जाती है
अभी ना पूछो हमसे कि मंजिल कहा है अभी तो हमने चलने का इरादा किया है ना हारे है ना हारेंगे कभी ये किसी और से नहीं खुद से वादा किया है
मेरे दिल का दर्द किसने देखा है मुझे बस खुदा ने तड़पते देखा है हम तन्हाई में बैठे रोते है लोगों ने हमें महफ़िल में हसते देखा है
करोगे याद गुजरे ज़माने को तरसोगे हमारे साथ एक पल बिताने को फिर आवाज दोगे हमे बापस बुलाने को और हम कहंगे दरवाजा नहीं है स्वर्ग से बापस आने को
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