New Year Shayari

पुराना साल सबसे हो रहा है दूर

पुराना साल सबसे हो रहा है दूर
क्या करें यही है कुदरत का दस्तूर
बीती यादो को सोचकर उदास ना होना तुम
नए साल में खूब धूम मचाना धूम