प्यार के पन्नो से भरी एक किताब हो तुम
रिश्तों के बगीचे में गुलाब हो तुम
जो लोग यह बोलते है कि प्यार सच्चा नहीं होता
उन लोगो के सवालों का जवाब हो तुम
Author: admin
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प्यार के पन्नो से भरी एक किताब हो तुम
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ना जाने क्यों तेरा मिलकर बिछड़ना बहुत याद आता है
ना जाने क्यों तेरा मिलकर बिछड़ना बहुत याद आता है
रो पड़ती हूँ में जब गुजरा जमाना याद आता है
नहीं भूल पायी हूँ में अब तक तुझे
क्या तुझको भी मेरा फ़साना याद आता है -

और कुछ लोग दूर होकर भी बहुत पास होते है
कुछ लोग हमारे पास होकर भी दूर होते है
और कुछ लोग दूर होकर भी बहुत पास होते है -

Jab Bhi Yah Khayal Aaya Khud Ko Akela Hi Paya
Hame bhi pyar karne ka khayal aaya
Jab bhi yah khayal aaya khud ko akela hi paya
Dhudte rahe duniya mai ek hamsafar
Jo mila usko dhokhewaj ya wevafa paya -

Yadau Ke Deepak Jala Ke Mai Rah Gayi
In chand sitaro mai simat kar rah gayi
Yadau ke deepak jala ke mai rah gayi
Tum do kadam bhi sath mere chal nahi sake
Khud ko musafir hi bna kar mai rah gayi
Ye kuchh dino ki hai jindagi meri
Sadiyo ki tarah ise bitrakar mai rah gayi
Mujhe junun-a-ishq mai koi khabar nahi
Duniya ko is kadar bhula ke mai rah gayi -

जख्म तो हमको फूलों ने ही दिया है
जब भी किसी को करीब पाया है
कसम खुदा की धोखा पाया है
क्यों दोष देते है हम काँटों को
जख्म तो हमको फूलों ने ही दिया है -

खुदा ना करे की तुम उदास हो
खुदा ना करे की तुम उदास हो
बस खुशिया ही आपके पास हो
खुदा आपको वो सब कुछ दे
जिसे पाने की आपको आस हो -

अफ़सोस वो हमारी चाहत से बेखबर निकला
कितना अजीब अपनी जिंदगी का सफर निकला
सारे जहाँ का दर्द अपना मुकद्दर निकला
जिसके नाम अपनी जिंदगी का हर लम्हा कर दिया
अफ़सोस वो हमारी चाहत से बेखबर निकला -

ज़माने ने हमको दिया यही वफ़ा का सिला है
जिंदगी चाहत का सिलसिला है
फिर भी जिसे चाहा वो कहा मिला है
दुश्मनो से हमको कोई शिकायत नहीं
अपनों ने ही लुटा बस इसी बात का गिला है
जिसको चाहा उसने ही तोडा दिल हमारा
ज़माने ने हमको दिया यही वफ़ा का सिला है -

सुना है खुदा के दरबार से कुछ
सुना है खुदा के दरबार से कुछ
फरिस्ते फरार हो गए
कुछ बापस चले गए और
कुछ हमारे यार हो गए