मुझे पता है कि यह ख्वाब झूठे है
मुझे पता है कि यह ख्वाब झूठे है और ख्वाइशें अधूरी है मगर जिन्दा रहने के लिए कुछ गलतफहमियां भी जरुरी है
खुद को खो दिया हमने अपनों को पाते पाते और लोग पूछते है कोई तकलीफ तो नहीं है खुद को खो दिया हमने
सवाल पानी का नहीं प्यास का है सवाल मौत का नहीं सांसो का है दोस्त तो बहुत है दुनिया में लेकिन सवाल दोस्ती का नहीं विश्वास का है
आओ अपने देश का सम्मान करें शहीदों की कुर्बानियों को याद करें समझें हम अपने कर्तव्यों को मिलकर आओ हम गणतंत्र दिवस पर शहीदों को नमन करें
नहीं सिर्फ जश्न मनाना नहीं सिर्फ झंडे लहराना यही काफी नहीं है वतन पर यादो को नहीं भूलना जो कुर्बान हुए उनके लफ्जो को बढ़ाना खुद के लिए नहीं जिंदगी वतन के लिए लुटाना
इतनी सी बात हवाओं को बताये रखना रोशनी होगी चिरागों को जलाये रखना लहू देकर की है जिसकी हिफाजत हमने ऐसे तिरंगे को हमेशा अपने दिल में बसाये रखना
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