जो एक ही दुनिया में रहकर मिलने को तरसते है
खुशनसीब होते है बादल जो दूर रहकर भी जमीन पर बरसते है और एक बदनसीब हम है जो एक ही दुनिया में रहकर मिलने को तरसते है
बहुत कुछ खो चुके ऐ जिंदगी तुझे सवारने की कोशिश में अब बस जो कुछ मेरा है उसे मेरा ही रहने दे
लिखना था कि खुश है तेरे बगैर भी हम मगर कमब्खत आंसू है कि कलम से पहले चलते है
माना कि मोहब्बत की यह भी एक हकीकत है फिर भी जितना तुम बदले हो उतना नहीं बदला जाता
अधूरी सी कहानी दिल की और पूरा प्यार तुम गीली पलकों की नमी और बेरहम याद तुम अनछुआ दिल का कोना और रूह में घुला एहसास तुम
Asli Shayar / English / General / Loneliness
by admin · Published January 31, 2018 · Last modified April 30, 2018
Dil mai Intzaar ki Lakeer chod jaynge Ankho mai Yadao ki nami chod jaynge Dhudate Firoge hame ekdin har jagah Jindagi mai apni aisi kami chod jaynge
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