जिन्दगी

जिन्दगी

जिन्दगी

मेरी खामोशियों में भी फसाना ढूँढ लेती है,
बड़ी शातिर है दुनिया मजा लेने का बहाना ढ़ूँढ लेती है।

जिन्दगी को हमेशा मुस्कुरा के गुजारो,
क्योंकि आप नहीं जानते की.. यह कितनी बाकी है।

अकेले ही काटना है मुझे ऐ जिन्दगी का सफर,
यूँ पल-दो-पल साथ चलकर मेरी आदत खराब न करो ।

मुझे पतझड़ की कहानियाँ सुना के उदास न कर ऐ जिंदगी,
नए मौसम का पता बता.. जो गुजर गया, वो गुजर गया।

सांसे खर्च हो रही है बीती उम्र का हिसाब नहीं,
फिर भी जीए जा रहें हैं तुझे, जिंदगी तेरा जवाब नहीं।

जिंदगी में खत्म होने जैसा कुछ नहीं होता,
हमेशा एक नई शुरुआत आपका इंतजार करती है!

हसरतें कुछ और हैं वक्त की इल्तजा कुछ और है कौन जी सका है..
ज़िन्दगी अपने मुताबिक दिल चाहता कुछ और है होता कुछ और है।

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