न जाहिर हुई तुमसे
न जाहिर हुई तुमसे और न ही बयान हुई हमसे,
बस सुलझी हुई आँखो में उलझी रही मोहब्बत।
by admin ·
न जाहिर हुई तुमसे और न ही बयान हुई हमसे,
बस सुलझी हुई आँखो में उलझी रही मोहब्बत।
by admin · Published March 7, 2025
by admin · Published June 3, 2021
by admin · Published March 8, 2021
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