Love Shayari
न कोई मुलाकात न किसी वादे का तकाज़ा तुमसे
हम तो बस एक झूटी तस्सल्ली के तलबगार थे।
by admin ·
न कोई मुलाकात न किसी वादे का तकाज़ा तुमसे
हम तो बस एक झूटी तस्सल्ली के तलबगार थे।
by admin · Published March 12, 2021
by admin · Published April 11, 2020
by admin · Published October 27, 2017 · Last modified April 30, 2018
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