Love Shayari
न कोई मुलाकात न किसी वादे का तकाज़ा तुमसे
हम तो बस एक झूटी तस्सल्ली के तलबगार थे।
by admin ·
न कोई मुलाकात न किसी वादे का तकाज़ा तुमसे
हम तो बस एक झूटी तस्सल्ली के तलबगार थे।
by admin · Published December 21, 2018
by admin · Published March 31, 2021
by admin · Published June 5, 2018
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