Love Shayari
न कोई मुलाकात न किसी वादे का तकाज़ा तुमसे
हम तो बस एक झूटी तस्सल्ली के तलबगार थे।
by admin ·
न कोई मुलाकात न किसी वादे का तकाज़ा तुमसे
हम तो बस एक झूटी तस्सल्ली के तलबगार थे।
by admin · Published June 18, 2026
by admin · Published February 16, 2018 · Last modified April 30, 2018
by admin · Published March 4, 2025
Follow: