तन्हाई की यह कुछ ऐसी अजब रात है

loanless Shayari4

तन्हाई की यह कुछ ऐसी अजब रात है
तुझसे जुडी हुयी हर याद मेरे साथ है
तड़प रहा है तनहा चाँद विना चांदनी के
इस अंधेरी रात में आज कुछ अलग बात है

You may also like...