जिस घर में मां की आवाज़ नहीं होती, वहां खामोशियां भी रोती हैं
मां के बिना घर सिर्फ दीवारों का मकान बन जाता है। उसकी आवाज, उसकी डांट, उसकी दुआएं और उसका प्यार ही घर को घर बनाते हैं। जिन लोगों की मां अब इस दुनिया में...
मां के बिना घर सिर्फ दीवारों का मकान बन जाता है। उसकी आवाज, उसकी डांट, उसकी दुआएं और उसका प्यार ही घर को घर बनाते हैं। जिन लोगों की मां अब इस दुनिया में...
मां सिर्फ एक रिश्ता नहीं होती, बल्कि वह पूरी दुनिया होती है। उसकी गोद में सुकून होता है, उसकी दुआओं में बरकत होती है और उसकी मुस्कान में बच्चों की सारी खुशियां छुपी होती...
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