सबकी अपनी जीने की अलग शैली है,

shayari

सबकी अपनी जीने की अलग शैली है,
किसी की चादर साफ तो किसी की मैली है,
आज तक सुलझा नहीं पाया है कोई,
जिंदगी तो एक अनसुलझी हुयी सी पहेली है

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