Real Shayari

दिल की धड़कन को अब एक लम्हा सबर नहीं

दिल की धड़कन को अब एक लम्हा सबर नहीं
शायद अब उसको मेरी जरा भी कदर नहीं
हर सफर में मेरा कभी हमसफ़र था वो
अब सफर तो है मगर वो हमसफर नहीं