कस्तूरी के जैसे महकते रहो
कस्तूरी के जैसे महकते रहो पंछी के जैसे उड़ते रहो सितारों के जैसे चमकते रहो तितली के जैसे मचलते रहो मम्मी पापा का आदर करते रहो सुन्दर वाणी से मन को हरो हम देते...
अक्सर टूट जाते है वो रिश्ते गरीबी में जो खास होते है हजारो दोस्त बन जाते है जब पैसा पास होता है
उससे मोहब्बत मत करो जो दुनिया में खूबसूरत हो मोहब्बत करनी है तो उससे करो जिससे आपकी दुनिया खूबसूरत हो
जीने की चाह में हर रोज मरते है वो आये ना आये हम इंतजार करते है झूठा ही सही मेरे प्यार का वादा हम आज भी सच मानकर उनका एतबार करते है
द्वारिकाधीश कह गए पार्थ से एक दिन ऐसा कलयुग आएगा दूध और माखन किसी को न भायेगा इंसान मैगी चौमिन पिज़्ज़ा खायगा
एक अधूरी ख्वाहिश है मेरी काश वो भी पूरी हो जाये ऐ खुदा कुछ ऐसा कर कि हमारे विना उनकी हर ख्वाहिश अधूरी हो जाये
बाबुल तेरी बगिया की ये चहचहाती हुयी चिड़िया ना जाने कब उड़ जाये छोड़कर तेरी यह बगिया ना जाने कब बन जाये दुल्हन, यह छोटी सी गुड़िया
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