उसको चाहा लेकिन इजहार नहीं करना नहीं आया
उसको चाहा लेकिन इजहार नहीं करना नहीं आया उम्र कट गयी लेकिन हमे प्यार करना नहीं आया उसने हमसे कुछ माँगा वो भी जुदाई और हमे उनसे इंकार करना नहीं आया
ज़िन्दगी / दोस्ती / प्यार / हिंदी
by admin · Published November 21, 2017 · Last modified April 30, 2018
जितना भूलना चाहोगे उतनी याद हमारी आएगी क्योकि तस्वीर बन गयी है दिल की गहराई में हमारी ढूढ़ने चले हो हमसे बेहतर दोस्त तुम देखना तलाश हमसे शुरू होकर हम पर ही खत्म हो...
जल्दी भुला देंगे तुमको थोड़ा सा सब्र तो रखो अंग अंग में बसे हो थोड़ा वक़्त तो लगेगा ही
किस किस को खरीदोगे इन कागज के नोटों से किस्मत परखने के लिए तो आज भी सिक्का ही उछलता है
एक जुर्म हुआ है हमसे हम भी किसी को दिल दे बैठे है अपना उसे समझ कर सब भेद दे बैठे है फिर उसके प्यार के लिए दिल और जान गवा बैठे है बहुत...
अपनों को दूर जाते देखा है सपनो को चूर होते देखा है लोग कहते है कि फूल कभी रोते नहीं अरे तन्हाइयो में हमने फूलों को भी रोते देखा है
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