जब बादल हो पर बरसात ना हो
कितना अजीब लगता है उस वक़्त जब बादल हो पर बरसात ना हो आंखें हो पर ख्वाब ना हो जिंदगी हो पर प्यार ना हो कोई अपना हो पर पास ना हो
ये जिंदगी तो बस चाहतों का सिलसिला है कुछ खोया है तो कुछ पाया है माँगा था जिसे हमने दुआ में अपनी वो किसी को विना मांगे मिल गया है
मोहब्बत करने की सजा बेमिसाल मिली हमको उदास रहने की आदत डाल दी हमको मैंने जब जब उसे प्यार की नजर से देखा उसने बार बार अनदेखा किया मुझको
Asli Shayar / ज़िन्दगी / सामान्य / हिंदी
by admin · Published December 5, 2017 · Last modified April 30, 2018
तेरी किस्मत का लिखा कोई नहीं मिटा सकता अगर खुदा की रहमत हो तो तुझे वो भी मिल जायगा जो तेरा हो ही नहीं सकता
ना जाने क्यों तेरा मिलकर बिछड़ना बहुत याद आता है रो पड़ती हूँ में जब गुजरा जमाना याद आता है नहीं भूल पायी हूँ में अब तक तुझे क्या तुझको भी मेरा फ़साना याद...
Asli Shayar / ग़म / ज़िन्दगी / तन्हाई / हिंदी
by admin · Published December 1, 2017 · Last modified April 30, 2018
जब भी किसी को करीब पाया है कसम खुदा की धोखा पाया है क्यों दोष देते है हम काँटों को जख्म तो हमको फूलों ने ही दिया है
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