ये किसी और से नहीं खुद से वादा किया है
अभी ना पूछो हमसे कि मंजिल कहा है अभी तो हमने चलने का इरादा किया है ना हारे है ना हारेंगे कभी ये किसी और से नहीं खुद से वादा किया है
अभी ना पूछो हमसे कि मंजिल कहा है अभी तो हमने चलने का इरादा किया है ना हारे है ना हारेंगे कभी ये किसी और से नहीं खुद से वादा किया है
मेरे दिल का दर्द किसने देखा है मुझे बस खुदा ने तड़पते देखा है हम तन्हाई में बैठे रोते है लोगों ने हमें महफ़िल में हसते देखा है
करोगे याद गुजरे ज़माने को तरसोगे हमारे साथ एक पल बिताने को फिर आवाज दोगे हमे बापस बुलाने को और हम कहंगे दरवाजा नहीं है स्वर्ग से बापस आने को
ये जिंदगी तो बस चाहतों का सिलसिला है कुछ खोया है तो कुछ पाया है माँगा था जिसे हमने दुआ में अपनी वो किसी को विना मांगे मिल गया है
मोहब्बत करने की सजा बेमिसाल मिली हमको उदास रहने की आदत डाल दी हमको मैंने जब जब उसे प्यार की नजर से देखा उसने बार बार अनदेखा किया मुझको
Asli Shayar / ज़िन्दगी / सामान्य / हिंदी
by admin · Published December 5, 2017 · Last modified April 30, 2018
तेरी किस्मत का लिखा कोई नहीं मिटा सकता अगर खुदा की रहमत हो तो तुझे वो भी मिल जायगा जो तेरा हो ही नहीं सकता
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