खुद से जीतने की जिद है मुझे खुद को ही हराना है
खुद से जीतने की जिद है मुझे खुद को ही हराना है मैं भीड़ नहीं हूँ दुनिया की, मेरे अंदर एक जमाना है
Asli Shayar / ज़िन्दगी / सामान्य / हिंदी
by admin · Published January 11, 2018 · Last modified May 18, 2022
खुद से जीतने की जिद है मुझे खुद को ही हराना है मैं भीड़ नहीं हूँ दुनिया की, मेरे अंदर एक जमाना है
Asli Shayar / ज़िन्दगी / तन्हाई / प्यार / सामान्य / हिंदी
by admin · Published January 10, 2018 · Last modified April 30, 2018
एक पल की जुदाई गवारा कर ना सके ऐसा इश्क़ जो हम दुबारा कर ना सके जिंदगी भर पलट कर देखा ना कभी शिकवा फिर भी हम तुम्हारा कर ना सके
नजर को बदलो तो नजारे बदल जाते है सोचको बदलो तो सितारे बदल है. कश्तियाँ बदलने की जरुरत नहीं दिशा को बदलो तो किनारे खुद व् खुद बदल जाते है सोच को बदलो...
Asli Shayar / ज़िन्दगी / दोस्ती / प्यार / सामान्य / हिंदी
by admin · Published January 9, 2018 · Last modified April 30, 2018
दिल से लिखी बात दिल को छू जाती है यह अक्सर अनकही बात कह जाती है कुछ लोग दोस्ती के मायने बदल देते है और कुछ लोगों की दोस्ती से दुनिया बदल जाती है
Asli Shayar / ज़िन्दगी / सामान्य / हिंदी
by admin · Published January 5, 2018 · Last modified April 30, 2018
मुश्किलों से भाग जाना आसान होता है हर पहलु जिंदगी का इम्तहान होता है डरने वालो को मिलता नहीं कुछ जिंदगी में लड़ने वालों के कदमों में जहान होता है
यूँ ही नहीं मिल जाती है राही को मंजिल एक जुनून दिल में जगाना पड़ता है जब पूछा चिड़िया से कि कैसे बना आशियाना तो चिडिया ने कहा ” भरनी पड़ती है उड़ान बार-बार...
Asli Shayar / ज़िन्दगी / तन्हाई / सामान्य / हिंदी
by admin · Published January 3, 2018 · Last modified April 30, 2018
इंतजार की आरजू अब खो गयी है खामोशियों की आदत अब हो गयी है ना शिकवा रहा ना शिकायत किसी से अगर है तो एक मोहब्बत जो इन तन्हाइयो से हो गयी है
Asli Shayar / ग़म / ज़िन्दगी / तन्हाई / सामान्य / हिंदी
by admin · Published January 3, 2018 · Last modified April 30, 2018
टुटा हो दिल अगर तो दुःख होता है किसी से मोहब्बत करके यह दिल रोता है दर्द का एहसास तब होता है जब किसी से मोहब्बत हो और उसके दिल में कोई और होता...
Asli Shayar / ज़िन्दगी / तन्हाई / प्यार / सामान्य / हिंदी
by admin · Published January 3, 2018 · Last modified April 30, 2018
अफ़सोस तो उस वक़्त होता है जब अपनी पसंद कोई और चुरा लेता है ख्वाब हम देखते है और हकीकत कोई और बना लेता है
खोल दे पंख मेरे परिंदा कहता है अभी और उड़ान वाकी है जमीं नहीं है मंजिल मेरी अभी पूरा आसमाँ वाकी है लहरों की ख़ामोशी को समंदर की वेवसी मत समझ नादाँ जितनी गहराई...
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