दिल अब दिल ना रहा सरकारी दफ्तर बन गया है
यह तेरी कैसी मोहब्बत है जालिम दिल अब दिल ना रहा सरकारी दफ्तर बन गया है ना कोई काम करने को ना किसी की बात सुनने को तैयार है
इश्क़ ऐसा करो कि भुला ना जाये अगर साँस भी लो तो खुशबू उसकी आये प्यार का नशा आँखों पर ऐसा छाये बात किसी की भी हो नाम उसी का आये
Asli Shayar / दोस्ती / प्यार / सामान्य / हिंदी
by admin · Published November 22, 2017 · Last modified April 30, 2018
अजीब सी आदत है अपनी और गजब सी फितरत है चाहे प्यार हो या नफरत बहुत सिद्धत से करते है
ना नींद आती है रातों में ना दिन में करार आता है हर घडी हर पल में बस तू ही तू याद आता रहता है
ज़िन्दगी / दोस्ती / प्यार / हिंदी
by admin · Published November 21, 2017 · Last modified April 30, 2018
जितना भूलना चाहोगे उतनी याद हमारी आएगी क्योकि तस्वीर बन गयी है दिल की गहराई में हमारी ढूढ़ने चले हो हमसे बेहतर दोस्त तुम देखना तलाश हमसे शुरू होकर हम पर ही खत्म हो...
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