Category: Sad

Collection of Real Shayari in Sad Category

  • नशे में भी तेरा

    नशे में भी तेरा

    नशे में भी तेरा नाम लब पर आता है
    चलते हुए मेरे पाँव लड़खड़ाते हैं
    दर्द सा दिल में उठता है मेरे
    हसीं चेहरे पर भी दाग नजर आता है
    सच्चा प्यार किसी भूत की तरह होता है
    बातें तो सब करते है देखा किसी ने नहीं

    मत पूछ ये की मैं तुझे भुला नहीं सकता
    तेरी यादों के पन्ने को मैं जला नहीं सकता
    संघर्ष यह है कि खुद को मारना होगा
    और अपने सुकून की खातिर तुझे रुला नहीं सकता
    तुम नहीं हो पास मगर तन्हाँ रात वही है
    वही है चाहत यादों की बरसात वही है
    हर खुशी भी दूर है मेरे आशियाने से
    खामोश लम्हों में दर्द-ए-हालात वही है

  • लाजिम नहीं कि उस को भी मेरा ख्याल हो

    लाजिम नहीं कि उस को भी मेरा ख्याल हो

    लाजिम नहीं कि उस को भी मेरा ख्याल हो,
    मेरा जो हाल है वही उसका भी हाल हो,
    कोई खबर ख़ुशी की कहीं से मिले मुनीर,
    इस रोज-ओ-शब में ऐसा भी इक दिन कमाल हो।

  • तोड़ दूं अगर मैं रिश्ते की डोर

    तोड़ दूं अगर मैं रिश्ते की डोर

    तोड़ दूं अगर मैं रिश्ते की डोर, तो जोड़ पाओगे क्या ??
    छोड़ दूं अगर मैं साथ तुम्हारा हाथ, मेरा फिर भी थामोगे क्या ??

    खून के आंसूं रुलाती रहूं अगर मैं, इसके बावजूद भी मेरे आंसू पोछोगे क्या ??
    किसी और को चाहने लगूं अगर मैं, तुम फिर भी मुझे ही चाहोगे क्या ??

    ख़्वाबों में न दिखूं अगर मैं तुम्हें, तो नींद के कातिल बनोगे क्या ??
    बेइलाज हो जाए अगर बीमारी मेरी, तुम दुआएं लेकर अंगारों पे चलोगे क्या ??

    बड़े चुप – चुप से लगते हो, अब आंखों को जलाओगे क्या ??
    अधमरी पड़ी हैं अगर बातें हमारी, तुम आशा की लॉ बुझा पाओगे क्या ??

    ओढ़ लूं मैं अगर सफ़ेद चादर, मेरी कब्र सजा पाओगे क्या ??
    तारा बन अगर टूट जाऊं मैं किसी और को, अपनी क़िस्मत में मांगोगे क्या ??

  • तेरी बातों का असर

    तेरी बातों का असर

    तेरी बातों का असर
    जो छाया है मेरे दिल पर
    यक़ीनन मुझे तड़पाएगा
    अब ये रात भर
    सोचा भूल जाऊंगा तुझे
    अब करूँगा ना याद
    मगर दर्द ही मिला मुझे,
    तुझे भूल कर

  • मोम के पास कभी आग को लेकर देखूं

    मोम के पास कभी आग को लेकर देखूं

    मोम के पास कभी आग को लेकर देखूं
    सोचता हूँ के तुझे हाथ लगाकर देखूं

    मैंने देखा है ज़माने को शराब पीकर
    दम निकल जाए अगर होश में आकर देखूं

    दिल का मंदिर बड़ा वीरान नज़र आता है
    सोचता हूँ तेरी तस्वीर लगा कर देखूं

    तेरे बारे में सुना है ये कि तू सूरज है
    मैं जरा देर तेरे साये में आकर देखूं

    याद आता है के पहले भी कर बार यूँ ही
    मैंने सोचा था के तुझे भुलाकर देखूं

  • बड़ी मुश्किल से बना हूँ

    बड़ी मुश्किल से बना हूँ

    बड़ी मुश्किल से बना हूँ,
    टूट जाने के बाद |
    मै आज भी रो देता हु,
    अक्सर मुस्कराने के बाद

  • जरा देखो दरवाजे पे

    जरा देखो दरवाजे पे

    जरा देखो दरवाजे पे,
    दस्तक किसने दी है?
    अगर इश्क़ हो तो कहना,
    यहां दिल नहीं रहता |

  • राहे रूकती हैं जब, ज़िन्दगी झुकती हैं तबसर झुकता है जब, वक़्त रुकता हैं तब

    राहे रूकती हैं जब, ज़िन्दगी झुकती हैं तब
    सर झुकता है जब, वक़्त रुकता हैं तब

    राहे रूकती हैं जब, ज़िन्दगी झुकती हैं तब
    सर झुकता है जब, वक़्त रुकता हैं तब

    जमाना हसंता हैं जब, सांसें रूकती हैं तब
    बाहे दुखती हैं जब, हिम्मत रूकती हैं तब

    शरीर खंजर सा हो जाता हैं, आत्मा बंजर सी हो जाती हैं
    ना जाने क्यों ये ज़िन्दगी सिमट कर रह जाती हैं |

  • आखिर क्यों मुझे तुम इतना दर्द देते होजब भी मन में आये क्यों रुला देते हो

    आखिर क्यों मुझे तुम इतना दर्द देते हो
    जब भी मन में आये क्यों रुला देते हो

    आखिर क्यों मुझे तुम इतना दर्द देते हो
    जब भी मन में आये क्यों रुला देते हो
    निगाहें बेरुखी हैं और तीखे हैं लफ्ज़
    ये कैसी मोहब्बत हैं जो तुम मुझसे करते हो

    मेरे बहते आंसुओ की कोई कदर नहीं
    क्यों इस तरह नजरो से गिरा देते हो
    क्या यही मौसम पसंद है तुम्हे जो,
    सर्द रातो में आंसुओ की बारिश करवा देते हो

  • जाने क्यूँ आजकल, तुम्हारी कमी अखरती है बहुतयादों के बन्द कमरे में, ज़िन्दगी सिसकती है बहुत

    जाने क्यूँ आजकल, तुम्हारी कमी अखरती है बहुत
    यादों के बन्द कमरे में, ज़िन्दगी सिसकती है बहुत

    जाने क्यूँ आजकल, तुम्हारी कमी अखरती है बहुत
    यादों के बन्द कमरे में, ज़िन्दगी सिसकती है बहुत

    पनपने नहीं देता कभी, बेदर्द सी उस ख़्वाहिश को
    महसूस तुम्हें जो करने की, कोशिश करती है बहुत

    दावे करती हैं ज़िन्दगी, जो हर दिन तुझे भुलाने के
    किसी न किसी बहाने से, याद तुझे करती है बहुत

    आहट से भी चौंक जाए, मुस्कराने से ही कतराए
    मालूम नहीं क्यों ज़िन्दगी, जीने से डरती है बहुत।