Category: Asli Shayar
Iss Category Ke Andar Tamam Asli Shayaro Ki List Hai. Jo Shayari Karte Hai.
Honthon pe kabhi un ke mera nam hi aaye
hairān haiñ lab-basta haiñ dil-gīr haiñ ġhunche ḳhushbū kī zabānī tirā paiġhām hī aaye lamhāt-e-masarrat haiñ tasavvur se gurezāñ yaad aa.e haiñ jab bhī ġham-o-ālām…
View More Honthon pe kabhi un ke mera nam hi aayeaah ko chahiye ik umr asar hote tak
aah ko chāhiye ik umr asar hote tak kaun jiitā hai tirī zulf ke sar hote tak dām-e-har-mauj meñ hai halqa-e-sad-kām-e-nahañg dekheñ kyā guzre hai…
View More aah ko chahiye ik umr asar hote takतीन ही चीज़ें इस तेज़ी से बिछड़ती हैं….,
तीन ही चीज़ें इस तेज़ी से बिछड़ती हैं….,इक सूरज की पहली किरन और हम दोनों, मैं सितारा हूँ मगर तेज़ नहीं चमकूँगा…,देखने वाले की आँखों…
View More तीन ही चीज़ें इस तेज़ी से बिछड़ती हैं….,जलो ए जलने वालों
जलो ए जलने वालोंमुझसे तुम खूब जलोजलो मेरे काम से जलोमेरे रुतबे से जलोमेरी हैसियत से जलोमेरी पहुंच से जलोमेरी रूह से ना जलोमेरी रूह…
View More जलो ए जलने वालोंsawal ye hai ki sacchi mohabbat kya hoti hai
अनदेखे धागों से
अनदेखे धागों से,कुछ यू बांध गया मुझको,कि वो साथ ही नहीं,और हम आजाद भी नहीं|
View More अनदेखे धागों सेमै ना जानू इबादत मुझे माफ़ कर देना ए खुदा
आस होगी न आसरा होगा आने वाले दिनों में क्या होगा
आस होगी न आसरा होगाआने वाले दिनों में क्या होगा मैं तुझे भूल जाऊँगा इक दिनवक़्त सब कुछ बदल चुका होगा नाम हम ने लिखा…
View More आस होगी न आसरा होगा आने वाले दिनों में क्या होगा रूठे हुए अपनों को मना लूंगा एक दिन
दिल का घर फिर से बसा लूंगा एक दिन
रूठे हुए अपनों को मना लूंगा एक दिनदिल का घर फिर से बसा लूंगा एक दिन लगने लगे जहाँ से हर मंज़र मेरा मुझेख़्वाबों का…
View More रूठे हुए अपनों को मना लूंगा एक दिनदिल का घर फिर से बसा लूंगा एक दिन
जाने क्यूँ आजकल, तुम्हारी कमी अखरती है बहुत
यादों के बन्द कमरे में, ज़िन्दगी सिसकती है बहुत
जाने क्यूँ आजकल, तुम्हारी कमी अखरती है बहुतयादों के बन्द कमरे में, ज़िन्दगी सिसकती है बहुत पनपने नहीं देता कभी, बेदर्द सी उस ख़्वाहिश कोमहसूस…
View More जाने क्यूँ आजकल, तुम्हारी कमी अखरती है बहुतयादों के बन्द कमरे में, ज़िन्दगी सिसकती है बहुत
