तीन ही चीज़ें इस तेज़ी से बिछड़ती हैं….,
तीन ही चीज़ें इस तेज़ी से बिछड़ती हैं….,
इक सूरज की पहली किरन और हम दोनों,
मैं सितारा हूँ मगर तेज़ नहीं चमकूँगा…,
देखने वाले की आँखों की सुहूलत के लिए|
by admin ·
तीन ही चीज़ें इस तेज़ी से बिछड़ती हैं….,
इक सूरज की पहली किरन और हम दोनों,
मैं सितारा हूँ मगर तेज़ नहीं चमकूँगा…,
देखने वाले की आँखों की सुहूलत के लिए|
Tags: अतीत की यादें शायरीकिसी के मर जाने पर शायरीकुछ पुरानी यादें शायरीदोस्तीपाश - कविता कोशपुरानी यादें शायरीपुरानी यादें शायरी दो लाइनपुराने दिन पर शायरीयादें शायरी दो लाइन
by admin · Published October 25, 2017 · Last modified April 30, 2018
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