Category: Asli Shayar

रूठे हुए अपनों को मना लूंगा एक दिन
दिल का घर फिर से बसा लूंगा एक दिन

रूठे हुए अपनों को मना लूंगा एक दिनदिल का घर फिर से बसा लूंगा एक दिन लगने लगे जहाँ से हर मंज़र मेरा मुझेख़्वाबों का वो जहान बना लूंगा एक दिन अभी तो शुरुआत...

जाने क्यूँ आजकल, तुम्हारी कमी अखरती है बहुत
यादों के बन्द कमरे में, ज़िन्दगी सिसकती है बहुत

जाने क्यूँ आजकल, तुम्हारी कमी अखरती है बहुतयादों के बन्द कमरे में, ज़िन्दगी सिसकती है बहुत पनपने नहीं देता कभी, बेदर्द सी उस ख़्वाहिश कोमहसूस तुम्हें जो करने की, कोशिश करती है बहुत दावे...

तेरी बातों का असर
जो छाया है मेरे दिल पर

तेरी बातों का असरजो छाया है मेरे दिल परयक़ीनन मुझे तड़पाएगाअब ये रात भरसोचा भूल जाऊंगा तुझेअब करूँगा ना यादमगर दर्द ही मिला मुझे,तुझे भूल कर

निकल पड़ा हूँ उस रास्ते पे
जो कभी ख़त्म नहीं होता

निकल पड़ा हूँ उस रास्ते पेजो कभी ख़त्म नहीं होता रुक जाता उस वक़्त अगर तूने….एक बार भी रोका होता आते हैं आज भी वो सपनेजब कभी गलती से, मैं सोता बनाता हूँ ख़यालो...

ज़हर को दूध समझ कर कैसे पिया जाये
दिल हो अगर ज़ख़्मी तो उसे कैसे सिया जाये

ज़हर को दूध समझ कर कैसे पिया जायेदिल हो अगर ज़ख़्मी तो उसे कैसे सिया जाये जब खुद पर ही यकीन नहीं रहा मुझेतो तुझ पर यकीन अब कैसे किया जाये ज़िन्दगी है मेरी...

आखिर क्यों मुझे तुम इतना दर्द देते हो
जब भी मन में आये क्यों रुला देते हो

आखिर क्यों मुझे तुम इतना दर्द देते होजब भी मन में आये क्यों रुला देते होनिगाहें बेरुखी हैं और तीखे हैं लफ्ज़ये कैसी मोहब्बत हैं जो तुम मुझसे करते हो मेरे बहते आंसुओ की...

पत्थर के जिगर वालों ग़म में वो रवानी है
ख़ुद राह बना लेगा बहता हुआ पानी है

पत्थर के जिगर वालों ग़म में वो रवानी हैख़ुद राह बना लेगा बहता हुआ पानी है फूलों में ग़ज़ल रखना ये रात की रानी हैइस में तेरी ज़ुल्फ़ों की बे-रब्त कहानी है एक ज़हन-ए-परेशाँ...

ख़ुश रहे या बहुत उदास रहे
ज़िन्दगी तेरे आस पास रहे

ख़ुश रहे या बहुत उदास रहेज़िन्दगी तेरे आस पास रहे चाँद इन बदलियों से निकलेगाकोई आयेगा दिल को आस रहे हम मुहब्बत के फूल हैं शायदकोई काँटा भी आस पास रहे मेरे सीने में...

काश वो समझते इस दिल की तड़प को,
तो हमें यूँ रुसवा न किया जाता,

काश वो समझते इस दिल की तड़प को,तो हमें यूँ रुसवा न किया जाता,यह बेरुखी भी उनकी मंज़ूर थी हमें,बस एक बार हमें समझ तो लिया होता।