Author: admin

चरासाजो की चरसाजी से

चरासाजो की चरसाजी सेदर्द बदनाम तो नहीं होगा?हाँ! दवा दो, मगर ये बतलादो,मुझे आराम तो नहीं होगा?

रफ्तार जिंदगी की कुछ यू बनाए रखें

रफ्तार जिंदगी की कुछ यू बनाए रखेंके दुश्मन आगे निकल जाए पर दोस्त कोई पिछे ना छूटेछोड़ दो अब उससे वफा की उम्मीद गालिब जो रुला सकता है वह भुला भी सकता हैमोहब्बत में...

आस होगी न आसरा होगा आने वाले दिनों में क्या होगा

आस होगी न आसरा होगाआने वाले दिनों में क्या होगा मैं तुझे भूल जाऊँगा इक दिनवक़्त सब कुछ बदल चुका होगा नाम हम ने लिखा था आँखों मेंआँसुओं ने मिटा दिया होगा आसमाँ भर...

तमन्ना छोड़ देते हैं… इरादा छोड़ देते हैं,
चलो एक दूसरे को फिर से आधा छोड़ देते हैं।

तमन्ना छोड़ देते हैं… इरादा छोड़ देते हैं,चलो एक दूसरे को फिर से आधा छोड़ देते हैं। उधर आँखों में मंज़र आज भी वैसे का वैसा है,इधर हम भी निगाहों को तरसता छोड़ देते...

रूठे हुए अपनों को मना लूंगा एक दिन
दिल का घर फिर से बसा लूंगा एक दिन

रूठे हुए अपनों को मना लूंगा एक दिनदिल का घर फिर से बसा लूंगा एक दिन लगने लगे जहाँ से हर मंज़र मेरा मुझेख़्वाबों का वो जहान बना लूंगा एक दिन अभी तो शुरुआत...

राहे रूकती हैं जब, ज़िन्दगी झुकती हैं तब
सर झुकता है जब, वक़्त रुकता हैं तब

राहे रूकती हैं जब, ज़िन्दगी झुकती हैं तबसर झुकता है जब, वक़्त रुकता हैं तब जमाना हसंता हैं जब, सांसें रूकती हैं तबबाहे दुखती हैं जब, हिम्मत रूकती हैं तब शरीर खंजर सा हो...

यह तुफान भी थम जाएंगे और रास्ते की कांटे भी हट जाएंगे

यह तुफान भी थम जाएंगे और रास्ते की कांटे भी हट जाएंगेऐ मुसाफिर यूं ना थक कर बैठ तेरे हौसले सेयह कायनात के असूल भी बदल जाएंगे…….वह बैठा है ऊपर, उसके फैसले भी बदल...

जाने क्यूँ आजकल, तुम्हारी कमी अखरती है बहुत
यादों के बन्द कमरे में, ज़िन्दगी सिसकती है बहुत

जाने क्यूँ आजकल, तुम्हारी कमी अखरती है बहुतयादों के बन्द कमरे में, ज़िन्दगी सिसकती है बहुत पनपने नहीं देता कभी, बेदर्द सी उस ख़्वाहिश कोमहसूस तुम्हें जो करने की, कोशिश करती है बहुत दावे...