मेरे जाने के बाद वो भी मुझे छुप-छुप कर देखती तो है,
थोड़ी ही सही पर वो मोहब्बत करती तो है।

मेरे जाने के बाद वो भी मुझे छुप-छुप कर देखती तो है,
थोड़ी ही सही पर वो मोहब्बत करती तो है।

इतनी मोहब्बत कम तो नहीं।
वो इस तरह तो बोलती बहुत है,

महफिलों में खिलखिलाती भी बहुत है,
पर जब भी हो हम से आंखें चार,

खुदा कसम वो शर्माती बहुत है।
इतनी मोहब्बत कम तो नहीं।

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