न जाहिर हुई तुमसे
न जाहिर हुई तुमसे और न ही बयान हुई हमसे,
बस सुलझी हुई आँखो में उलझी रही मोहब्बत।
by admin ·
न जाहिर हुई तुमसे और न ही बयान हुई हमसे,
बस सुलझी हुई आँखो में उलझी रही मोहब्बत।
by admin · Published July 3, 2018
by admin · Published November 29, 2021
by admin · Published December 21, 2020 · Last modified December 25, 2020
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